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Diary serise 1

Diary serise 1
Rani talab
20 Oct 2023
रानी तालाब रीवा

भोपाल से आने के बाद नवरात्रि की अष्टमी को मैं मम्मी और निक्की रानी तालाब घूमने गए। तालाब में इस बार बहुत लंबी लाइन थी एकदम बाहर रोड से लाइन लगी हुई थी । मैं लड़कों से नारियल नहीं फोड़वाया बल्कि खुद ही पत्थर से फोड़ा फिर उसके बाद मम्मी को याद आया कि वह चावल ले जाना ही भूल गई है गरीबों को दान करने के लिए और कन्याओं को दान करने के लिए केले भी बहुत महंगे मिल रहे थे तो वह भी नहीं खरीद पाए।
उसके बाद मम्मी ने लोटे में पानी लिया और बीच लाइन से ही घुस गई और जल चढ़ा के आ गई।
उसके बाद फिर हम लोग पार्क में घूमने गए बहुत सारी फोटो खींची झूला झूला एक्सरसाइज किया लुका छुपी के खेला खरगोख को चारा खिलाया घूमा बागा वीडियो शूट की फिर लौटने लगे।
लौटते वक्त मेले की वीडियो बनाई। निक्की ने माउथॉर्गन खरीता 20 रुपए का। मम्मी ने मोजे और अंगूठी खरीदी । मैंने इस बार कुछ नही खरीदा पर पिछली बार 6 महीने पहले 180 रुपए का rubics cube खरीदा था।
आते वक्त 20 रुपए की फुल्की (पानीपुरी) खाई। 10 रुपए की 6 फुल्की + 1 सुखी खिलाई। पहले जब मैं छोटा था तो 10 रुपए की 10 फुल्की + 1 सुखी मिलती थी ।
जाने का किराया कुल 50 रुपए प्रति व्यक्ति रहा ।
रविदास चौराहा से सिरमौर चौराहे का अब 10 रुपए लगता है पहले मात्र 5 ₹ लगता था ।
अगली बार जब जाना है तो कन्या को फल और गरीबों को अनाज ले जाना है।
रानी तालाब रीवा , मां कालिका मंदिर(कला मंदिर) के क्षेत्र में उपस्थित एक बड़ा सा तालाब या झील है। नवरात्रि के महीने में हजारों की तादात में लोग माता के दर्शन करने आते है और लौटते वक्त मेले का आनंद लेते हैं।रानी तालाब के चारो ओर बढ़िया पार्क है।जिसमे झूला झूलने, एक्सरसाइज करने, फोटोग्राफी की मस्त सुविधा है। तालाब में नौका विहार (boating) करने की भी सुविधा है।
रानी तालाब का निर्माण रीवा की रानी वैजू ने करवाया था।
रानी तालाब एक झील है। तालाब छोटा होता है और उसमे बीच में पौधे, सिंघाड़ा, कमल, बेसरम आदि के पौधे लगे होते हैं जबकि झील बड़ी होती है और इसके जल में कोई वनस्पति और पौधे नही होते।
रानी तालाब रीवा के बीचों बीच एक शंकर जी का मंदिर है। यहां से व्यंकट भवन की एक सुरंग है। ऐसा कहा जाता है की रानी प्रतिदिन अपने महल से सुरंग के जरिए आकर तालाब में स्नान कर मां की पूजा करती।
Bye















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