English 2nd chapter part 1 Mahatma Gandhi most important facts and notes first year foundation English chapter 2 (national education) part 1
Most important questions facts and notes about Mohandas Karamchand Gandhi
First year foundation English chapter 2 (National education)
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Chapter 2
Part 1
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तो चलिए बिना समय को गवाए शुरू करते हैं अपना कोर्स
महात्मा गांधी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां
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पूरा नाम: मोहनदास करमचंद गांधी
पिता :कर्मचंद गांधी
दादा: उत्तम चंद गांधी
माता: पुतलीबाई
पत्नी :कस्तूरबा गांधी
राजनीतिक गुरु: (political Model ) : गोपाल कृष्ण खोखले
अन्य नाम :राष्ट्रपिता ,बापू ,महात्मा
जन्म: 2 अक्टूबर 1869 पोरबंदर गुजरात
मृत्यु: 30 जनवरी 1948 नाथूराम गोडसे
पेशा(profesion) :भारतीय वकील
प्राइमरी शिक्षा: राजकोट
1888 में 19 वर्ष की आयु में बैरिस्टर (barrister) की डिग्री पाने के लिए लंदन गए.
13 वर्ष की आयु में हमउम्र(same aged) कस्तूरबा गांधी के साथ विवाह हुआ
उनके कुल चार बेटे थे हरिलाल ,मणिलाल ,रामदास, देवदास।
उपाधियां (titles)
सुभाष चंद्र बोस ने गांधीजी को राष्ट्रपिता कहा।
रवींद्रनाथ टैगोर ने गाँधीजी को महात्मा कहा।
इतिहासकार मानते हैं की महात्मा गांधी को सुभाष चंद्र बोस ने बापू की उपाधि दी
गांधी जी का भारतीय मुद्रा में फोटो Gandhiji's photo on Indian currency
महात्मा गांधी का फोटो भारतीय मुद्रा में आता है ।
आरबीआई के मुताबिक 1969 में महात्मा गांधी की 100 वीं जयंती के उपलक्ष में एक रुपए , दो रुपए ,₹10 ₹100 ,और ₹5 , की नोट में महात्मा गांधी की तस्वीर उनके सम्मान में छपना शुरू हुई ।
इससे पहले भारतीय नोटों पर अशोक स्तंभ की फोटो हुआ करती थी
दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी एवं राजनीति से जुड़ाव Return to India from South Africa and association with politics
गाँधीजी 24 साल की उम्र में एक केस लड़ने दक्षिण अफ्रीका( South Africa ) गए थे और 21 साल वहां पर रहे।
1914 में प्रथम विश्व युद्ध (First world war) छिड़ा एवं गोपाल कृष्ण गोखले के अनुरोध पर 1915 में 45 वर्ष की आयु में एक अनुभवी वकील के रूप में महात्मा गांधी भारत में आए।
चंपारण आंदोलन : Champaran Movement
दक्षिण अफ्रीका से लौट के बाद गांधी ने गुजरात में साबरमती नदी के किनारे एक आश्रम बनाया जिनको साबरमती आश्रम कहते हैं । साबरमती आश्रम को सत्याग्रह आश्रम भी कहते हैं।
1917 में राजकुमार शुक्ल के निवेदन पर महात्मा गांधी ने बिहार के चंपारण में किसानों के लिए नील (indigo) खेती से संबंधित पहला आंदोलन लड़ा जिसे चंपारण आंदोलन (Champaran Movement) कहते हैं जो कि सफल रहा इसके बाद से महात्मा गांधी एक राजनीतिक नेता के रूप में जाने जाने लगे।
अहमदाबाद मिल हड़ताल ahmedabad mill strike
इसके बाद 1918 में महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के सूती मिल में मजदूरों के साथ अहमदाबाद मिल आंदोलन शुरू किया कारण यह था कि उसे समय अहमदाबाद में प्लेग फैला हुआ था जिस वजह से मजदूर काम छोड़कर जाने लगे तो मालिकों ने प्लग बोनस देना शुरू कर दिया परंतु बोनस बहुत ही काम दिया जा रहा था अर्थात उनसे कम पैसे में अधिक मजदूरी वसूल की जा रही थी मजदूरों ने मलिक से 50% वेतन में वृद्धि की मांग की थी पर मलिक केवल 20% वेतन में वृद्धि करने को तैयार थे
इस आंदोलन में गांधी ने पहली बार भूख हड़ताल को एक हथियार के रूप में प्रयोग किया अर्थात इस आंदोलन में महात्मा गांधी ने पहली बार भूख हड़ताल की उसके बाद मजदूरों को 35% बोनस देने का निश्चित हुआ और मजदूर मान गए इस प्रकार अहमदाबाद मिल सूती आंदोलन महात्मा गांधी का भारत में दूसरा सफल आंदोलन रहा। आपको बता दे की अहमदाबाद मिल आंदोलन के लिए महात्मा गांधी को अनुसूयाबेन साराभाई ने आमंत्रित किया था एवं उनका पूरा सहयोग दिया था।
खेड़ा सत्याग्रह Kheda Satyagraha
इसके बाद 1918 में ही महात्मा गांधी ने गुजरात के खेड़ा में खेड़ा सत्याग्रह किया उसे वर्ष फसल की पैदावार अच्छी नहीं हुई थी फसलों की सफलता के बावजूद भी अंग्रेजी हुकूमत उनसे बहुत ज्यादा भूमिका वसूल कर रही थी इसके विरोध में महात्मा गांधी ने अपना दूसरा सत्याग्रह खेड़ा सत्याग्रह शुरू किया गांधी जी ने सरदार वल्लभभाई के साथ किसानों का समर्थन किया और उन्हें सलाह दी कि जब तक उनकी मांग पूरी ना हो वह करो का भुगतान न करें अंतत सरकार को उनकी मांगे पूरी करनी पड़ी। खेड़ा आंदोलन को प्रथम असहयोग आंदोलन भी कहा जाता है।
Kheda movement is also called the first non-cooperation movement.
असहयोग आंदोलन Non-Cooperation Movement
1920 में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया
फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास चोरा चोरी नामक स्थान में आंदोलन कार्यों द्वारा 22 जिंदा पुलिस कर्मियों को जला देने पर महात्मा गांधी ने अपना असहयोग आंदोलन वापस ले लिया इसे चोरा चोरी कांड के रूप में जाना जाता है।
सविनय अवज्ञा आंदोलन Civil disobedience movement और दांडी यात्रा dandi march
12 मार्च 1930 को गांधी जी ने साबरमती आश्रम से 390 Km दूर स्थित समुद्र टटीय गांव दांडी की 78 साथियों के साथ पदयात्रा की एवं नमक कानून तोड़ा इसे नमक सत्याग्रह( Salt Satyagraha )के नाम से भी जाना जाता है। 12 मार्च 1930 को दांडी यात्रा के शुभारंभ के साथ ही महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया एवं नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा। दांडी यात्रा 24 दिनों तक चली और 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंची।
भारत छोड़ो आंदोलन Quit India Movement
8 अगस्त 1942 को मुंबई में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ जिसमें गांधी जी ने नारा दिया हम करेंगे या मरेंगे,
' करो और मरो ' । हमारी हमारी एक ही मांग है पूर्ण स्वराज । स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है इसे हम लेकर रहेंगे चाहे इसके लिए हमें अपना प्राण ही क्यों ना गवाना पड़े। इस आंदोलन में अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा गांधी जी ने दिया।
गांधी जी के उपवास अर्थात भूख हड़ताल Gandhiji's fast means hunger strike
आपको बता दें कि अपने जीवन काल में महात्मा गांधी ने कुल मिलाकर 18 उपवास किए । उपवास उनके सत्याग्रह का प्रमुख हथियार था । उनके आंदोलन शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक होते थे जिसको उन्होंने सत्याग्रह का नाम दिया ।महात्मा गांधी के 18 उपवास में से सबसे लंबा उपवास 21 दिन का था।
गांधी जयंती एवं स्वच्छता दिवस Gandhi Jayanti and Cleanliness Day
महात्मा गांधी की वकील की नौकरी अच्छी खासी थी वह बहुत ही अनुभवी और प्रसिद्ध वकील थे जिसे उनको अच्छी खासी कमाई हो जाती थी पर फिर भी उन्होंने अपने देश के ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों के लिए भी स्वयं कष्ट उठाकर ,स्वयं कोड़े एवं लाठी खाकर ,शांतिपूर्ण ढंग से भारत को आजादी दिलाई । उनके आदर्श जीवन में उतारने योग्य हैं। उनके आदर्श बहुत ही उच्च हैं जो की और कहीं देखने को नहीं मिलते इसीलिए उन्हें राष्ट्रपिता ,बापू , महात्मा कहा गया है ।एवं उनके सम्मान में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती को राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया है उनके सम्मान में नोटों पर उनकी फोटो छपती है कारण यही है कि उनके जैसा आदर्श चरित्र कहीं और नहीं है।
महात्मा गांधी को स्वच्छता बहुत प्रिय थी इसीलिए 2 अक्टूबर 2014 से स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
महात्मा गांधी का साहित्य Literature of Mahatma Gandhi
1909 में महात्मा गांधी ने अपनी पहली पुस्तक हिंद स्वराज (indian home rule)प्रकाशित की।
गांधी जी ने कुल 9 पुस्तक लिखें जिन में हिंद स्वराज, मेरे सपनों का भारत , बापू की सीख , दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास, गीता बोध आदि शामिल है।
सत्य के साथ मेरे प्रयोग गांधी जी की आत्मकथा है।My Experiments with Truth is the autobiography of Gandhi
'द लाइफ ऑफ़ महात्मा गांधी' लुई फिशर द्वारा महात्मा गांधी के जीवन पर लिखी गई पहले जीवनी थी।
'The Life of Mahatma Gandhi' was the first biography written on the life of Mahatma Gandhi by Louis Fischer.
आज की पोस्ट में बस इतना ही मिलेंगे अगली पोस्ट में नई जानकारी के साथ तब तक के लिए धन्यवाद हमारे पेज को शेयर करें और फॉलो करें
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