Yoga chapter 2 षटकर्म whole information with imp MCQ 1st year foundation course

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Yoga chapter 2   षटकर्म 

most imp MCQ     with concept 

मेरे प्यारे साथियों हम आपके लिए लेकर के आ गए है yoga chapter 2 का कंप्लीट web 🕸️ page 📃
आपको बता दे की ये पाठ बहुत ही छोटा है बस हमे कुछ main main facts याद करने हैं।

योग का पहला चैप्टर बहुत बड़ा था और बहुत सारे imp questions उसी से आएंगे।
अगर आपने अभी तक उसे नही पढ़ा , या पढ़ा तो है पर रिवाइज नहीं किया तो पहले उसे एक बार पढ़ / revise कर लो। वरना उसे याद करने में फिर से उतनी ही मेहनत करनी पड़ेगी।जबकि रिवाइज करना आसान होता है।


तो ये रही chapter 1 ke links



तो चलिए बिना समय गवाए शुरू करते हैं
योग पाठ 2

पाठ 2 का नाम : षटकर्म (shatkarm)
(Unit:1)

अगर आपको योग का syllabus (index) जानना हो तो touch करे ये लिंक 


Q1 षटकर्म क्या है ❓
  • पांच तरह की क्रियाएं
  •  छह तरह की क्रियाएं
  •  साथ तरह की क्रियाएं
  •  8 तरह की क्रियाएं
 उत्तर: 6 तरह की क्रियाएं

व्याख्या : षटकर्म का अर्थ 6 तरह की क्रियाएं होता है।
 षटकर्म ऐसे विशेष कर्म एवं क्रियाएं हैं जिनके द्वारा शरीर की शुद्धि होती है।Shatkarma means 6 types of actions.
 Shatkarmas are such special deeds and activities through which the body is purified.

2Q षटकर्म किस योग के भाग हैं❓
  •  राजयोग
  •  ध्यान योग
  •  हठयोग
  •  मंत्र योग
उत्तर : हठ योग 

3Q भक्ति सागर किसकी रचना है❓
  •  स्वर आत्माराम की
  •  गोरखनाथ की 
  •  श्रीनिवास योगी की 
  •  चरण दास की 
 उत्तर :चरण दास की

4Q भक्ति सागर में कितने षटकर्म का वर्णन है ❓
  • 1
  • 3
  • 4
उत्तर: 4
 व्याख्या भक्ति सागर चरण दास द्वारा रचित एक योग ग्रंथ है इसमें उन्होंने केवल चार षटकर्म प्रथाओं का वर्णन किया है।Only four Shatkarma practices are described.

5Q ..................ही एक ऐसा एकमात्र ग्रंथ है जो षटकर्म की छह प्रथाओं का प्रामाणिक रूप से वर्णन करता है
.................is the only text which authentically describes the six practices of Shatkarma.
  •  हठयोगी प्रदीपिका 
  • योग चिंतामणि 
  • गोरखनाथ नाथ संहिता 
  • घेरंड संहिता।
उत्तर : हठ योग प्रदीपिका 

6Q हठयोगी प्रदीपिका के रचनाकार हैं..................
  • चरण दास
  • गोरखनाथ 
  • स्वात्माराम
  • श्रीनिवास योगी
उत्तर,: स्वात्माराम

7Q निम्नलिखित में से क्या षटकर्म के अंतर्गत नहीं आता 
  • कपालभाति 
  • भ्रामरी 
  • त्राटक 
  • नेति
उत्तर: भ्रामरी

Paragraph 1:षटकर्म के अंतर्गत ऐसी  प्रक्रियाओं का वर्णन है जो  शरीर को शुद्ध करती हैं जो निम्नवत (as follows) है
1. धौती 
2. वस्ति 
3. नेति 
4. त्राटक 
5. नौली 
6. कपालभाति 

8Q धौती का अर्थ है 
  • धुलाई Washing 
  • साड़ी (धोती)saree (dhoti) 
  • सफाई Cleaning 
  • इनमे से कोई नहीं None of these 
उत्तर : धुलाई (washing)

Paragraph 2: षटकर्म की 6 प्रक्रिया में से धौती  एक प्रमुख प्रक्रिया है जिसका शाब्दिक अर्थ है धुलाई। यह क्रिया पेट की शुद्धिकरण की क्रिया है इसे उधरशुद्धि Udharshuddhi  भी कहते हैं। धौती  क्रिया दो प्रकार की होती है 1.जल धौती  एवं 2.सूत्र धौती

जल धौती  में बहुत सारा पानी पीकर उसे वापस उल्टी के द्वारा निकाला जाता है इस प्रक्रिया को जल धौती  कहते हैं इसे गज करणी या कंजुल क्रिया भी कहते हैं।
धौती  क्रिया का दूसरा प्रकार है सूत्र धौती  इस प्रक्रिया में 5 से 6 मीटर लंबे एवं साफ कपड़े को मुख के द्वारा अंदर निगला जाता है और उसके बाद पुनः बाहर निकाला जाता है।

9Q धौती  क्रिया के कितने प्रकार होते हैं ❓
  • एक 
  • दो 
  • तीन 
  • चार 
उत्तर: दो 

10Q किस प्रक्रिया को कंजुल क्रिया या गज करणी कहते 
हैं ❓Which process is called Kanjul Kriya or Gaja Karni? 

  •  धौती  क्रिया 
  •  जल धौती
  •  सूत्र धौती
  •  जल वस्ति
 उत्तर : जल धौती 

11Q उदरशुद्धि किसे कहा जाता है ❓What is called abdominal purification?
  • धौती क्रिया 
  •  जल धौती
  •  सूत्र धौती
  •  जल वस्ति
उत्तर : धौती क्रिया


12Q किस क्रिया में बहुत सारा जल पीकर वापस उल्टी(वमन)  द्वारा निकाल दिया जाता है ❓In which process a lot of water is drunk and thrown out through vomiting?
  • धौती क्रिया 
  •  जल धौती
  •  सूत्र धौती
  •  जल वस्ति

उत्तर: जल धौती

13Q किस प्रक्रिया में मुंह के द्वारा लंबा कपड़ा पेट में डाला जाता है ❓In which process a long cloth is inserted into the stomach through the mouth?
  • धौती क्रिया 
  •  जल धौती
  •  सूत्र धौती
  •  जल वस्ति
उत्तर: सूत्र धौती


 Paragraph 3 : योग के दौरान एनिमा  करने की क्रिया को वस्ति क्रिया कहा जाता है । वस्ति क्रिया में पेट के निचले भाग , छोटी आंत एवं बड़ी आंत की सफाई की जाती है।
वस्ति  का अर्थ होता है उधर का निचला भाग।
आज की यही विधि एनिमा के रूप में प्रयोग में लाई जाती है।
वस्ति क्रिया दो प्रकार की होते हैं 1. जल वस्ति एवं  2.स्थल वस्ति 
जल वस्ति की प्रक्रिया में गुदा मार्ग से बड़ी आंत एवं छोटी आंत में जल को ग्रहण किया जाता है एवं पुनः बाहर निकाला जाता है जिससे छोटी आंत एवं बड़ी आंत की सफाई होती है।
जबकि स्थल वस्ति की क्रिया में केवल वायु को प्रयोग में लाया जाता है।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि इन क्रियाओं को योग प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण में ही करना चाहिए ,स्वयं नहीं ।

14Q वस्ति का अर्थ होता है ..................
  • पेट 
  • पेट के बीच में
  • पेट(उदर) के नीचे
  • उदर के ऊपर
उत्तर: उदर के नीचे

15Q निम्न में से किस क्रिया में आंतों की सफाई होती है ❓In which of the following processes the intestines are cleaned?
  • धौती क्रिया
  • वस्ति क्रिया
  • त्राटक
  • नेति क्रिया
उत्तर: वस्ति क्रिया

16Q वस्ति क्रिया के कितने प्रकार होते हैं? 
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
उत्तर: 2

17Q किस क्रिया में गुदा मार्ग से जल ग्रहण किया जाता है❓In which process water is absorbed through the anus?
  • जल धौती
  • जल वस्ति
  • जल नेति
  • नौली क्रिया

उत्तर: जल वस्ति 

18Q स्थल वस्ति में किसका प्रयोग किया जाता है
  • जल का 
  • स्थल का
  • मिट्टी का
  • हवा का

उत्तर : हवा का 


 Paragraph 4 : षटकर्म की तीसरी प्रक्रिया है नेति क्रिया नेति अर्थ होता है नासिक अर्थात् नाक इस प्रक्रिया में नासिक प्रदेश की शुद्धिकरण किया जाता है 
इस क्रिया के दो प्रकार होते हैं 1.जल नेति एवं 2.सूत्र नेति 
जल नेति क्रिया के अंतर्गत नासिका छिद्रों से जल को पिया जाता है फिर एक नासिक छिद्र में जल भर के दूसरे छिद्र से जल बाहर निकाला जाता है 
Under Jal Neti Kriya, water is drunk through the nostrils, then one nostril is filled with water and water is taken out from the other nostril.

सूत्र नेति क्रिया में नाक के एक छिद्र में से पतले एवं कोमल धागे को अंदर ग्रहण किया जाता है एवं मुख से निकाला जाता है तत्पश्चात उसे ऊपर नीचे खिसकाया जाता है।In Sutra Neti Kriya, a thin and soft thread is taken inside through a hole in the nose and is taken out through the mouth and then it is moved up and down.

19Q नेति का अर्थ..................
  • नाक
  • कान
  • नाव
  • नीति
उत्तर: नाक(नासिका)nose

20Q नेति क्रिया के प्रकार..................
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4

उत्तर : 2

21Q किस क्रिया में जल द्वारा नाक की शुद्धि होती है ❓ In which process the nose is cleaned by water?
  • जल धौती
  • जल वस्ति
  • जल नेति
  • नौली क्रिया

उत्तर : जल नेति

22Q किस क्रिया में धागे के द्वारा नाक की शुद्धि होती है In which process the nose is cleaned with thread?
  • सूत्र धौती
  • सूत्र नेति
  • सूत्र वस्ति
  • स्थल वस्ति

उत्तर: सूत्र नेति

Paragraph 5 : षटकर्म का चौथा प्रकार है नौली क्रिया नौली का अर्थ होता है नाभी से लगी नाल। इस प्रक्रिया में पेट को घुमाया जाता है पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ा एवं फैलाया जाता है ।
घेरंड संहिता में इसे लौलिकी भी कहते हैं।
नौली क्रिया के तीन प्रकार होते हैं 1. मध्यनौली 2.दक्षिण नौली 3.वाम नौली।

नौली क्रिया का वीडियो का लिंक

23Q किस क्रिया में पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ा एवं फैलाया जाता है? In which process the abdominal muscles are contracted and expanded?
  • धौति क्रिया
  • वस्ति क्रिया
  • नौली क्रिया
  • नेति क्रिया

उत्तर: नौली क्रिया

24Q नौली का शाब्दिक अर्थ है ..................The literal meaning of Nauli kriya is…………..
  • पेट
  • पेट की नाभि
  • पेट की नाभि से लगी नाल
  • नाली

उत्तर: पेट की नाभि से लगी नाल 
Answer: umbilical cord attached to the navel

25Q नौली क्रिया के कितने प्रकार होते हैं ❓
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4

उत्तर: 3

26Q नौली क्रिया में .................. की सफाई और मरम्मत होती है
  • पेट (उदर) एवम यकृति की
  • छोटी और बड़ी आंत की
  • अग्नाशय, वृक्क एवम मूत्राशय की
  • उपर्युक्त सभी की

उत्तर : उपर्युक्त सभी की

Paragraph 6 
षटकर्म क्रिया का पांचवा भाग है त्राटक क्रिया।
 त्राटक का अर्थ होता है किसी वस्तु को टकटकी लगाकर बिना पलक झपक देखना। Tratak means to gaze at an object without blinking. 
इस क्रिया में अपने नेत्रों को किसी गोले, किसी वस्तु, मोमबत्ती या दीपक की ज्योति आदि को केंद्र मानकर आंखों के बराबर स्तर पर रखकर उसे लगातार बिना पलक झपक देखा जाता है In this process, considering a circle, any object, candle or lamp flame etc. as the center, keep your eyes at the same level as your eyes and look at it continuously without blinking.।

27Q इनमे से किस क्रिया में किसी वस्तु को केंद्र मान बिना पलक झपकाए जब तक हो सके देखा जाता है❓In which of the following activities, an object is kept as the center and looked at for as long as possible without blinking?
  • नौली क्रिया
  • नेति क्रिया
  • वस्ति क्रिया
  • त्राटक क्रिया

उत्तर: त्राटक क्रिया

28Q त्राटक क्रिया के लाभ
  • आंखों की दृष्टि में वृद्धि
  • एकाग्रता में वृद्धि
  • मस्तिष्क की क्रियाशीलता में वृद्धि
  • उपर्युक्त सभी

उत्तर : उपर्युक्त सभी: All of the above

29Q मोमबत्ती या दीपक की ज्योति को केंद्र मानकर त्राटक किया जाता है..................
  • अंधेरे कमरे में
  • शांत कमरे में
  • एकांत में
  • उपर्युक्त सभी

उत्तर: उपर्युक्त सभी

Paragraph 7 षटकर्म की आखिरी क्रिया है ,कपालभाति ।
कपाल का अर्थ होता है  माथा या सिर एवं भाती का अर्थ होता है प्रकाश या चमक।
 कपालभाति की क्रिया में व्यक्ति श्वास को खींचता है एवं श्वास को छोड़ता है ।जिसे क्रमशः पूरक एवं रेचक कहते हैं। In the process of Kapalbhati, the person inhales and exhales the breath, which are called Puraka and Rechak respectively. 

जब श्वास अंदर खींची जाती है तो पेट बाहर निकलता है एवं श्वास को बाहर छोड़ जाता है तो पेट अंदर की ओर गति करता है किस क्रिया को कपालभाति कहते हैं।
When the breath is taken in, the stomach moves out and when the breath is left out, the stomach moves inwards, which  is called Kapalbhati.



30Q श्वास लेना कहलाता है................................... Breathing is called……………………..
  • रेचक
  • पूरक
  • कुंभक
  • जालंधर बंध

उत्तर: पूरक puraka 
Trick: पूरक = रख = सांस रख= सांस लेना

31Q कपाल का अर्थ ..................
  • माथा
  • गर्दन
  • पेट
  • बाल

उत्तर : माथा Forehead

32Q किस क्रिया में पेट आगे पीछे स्वास की गति के साथ दोलन करता है❓ In which action does the stomach oscillate back and forth with the movement of breath?
  • नौली क्रिया
  • त्राटक क्रिया
  • कपालभाति
  • अनुलोम विलोम

उत्तर: कपालभाति

33Q रेचक का अर्थ..................
  • सांस लेना
  • सांस छोड़ना
  • सांस रोकना
  • कोई नहीं

उत्तर: सांस छोड़ना

षटकर्म से लाभ : 

  1. यह हमें तंदुरुस्त रखता है it keeps us healthy 
  2. हमारे शरीर के अंगों का शुद्धिकरण करता है Purifies our body parts 
  3. वात पित्त एवं कफ त्रिदोष को संतुलन बनाए रखना है।Vata, Pitta and Kapha tridosha have to be balanced.

सावधानियां precautions

  1. गर्भवती महिलाओं को कपालभाति , नौली क्रिया एवं वस्ति क्रिया नहीं करना चाहिए। Pregnant women should not do Kapalbhati, Nauli Kriya and Vasti Kriya. 
  2. यदि कपालभाति करते समय पेट में दर्द उठ जाए तो तुरंत रुक जाना चाहिए। If stomach pain occurs while doing Kapalbhati, one should stop immediately. 
  3. धौती क्रिया , वस्ति क्रिया, नेति क्रिया को योग प्रशिक्षक की उपस्थिति में ही करनी चाहिए।
  4. Dhauti Kriya, Vasti Kriya, Neti Kriya should be done only in the presence of a yoga instructor.
34Q वात पित्त कफ कहलाते हैं..................
  • त्रिदेव
  • त्रिमूर्ति
  • त्रिदोष
  • त्रिकाल

उत्तर: त्रिदोष


तो इस प्रकार से योग का सेकंड चैप्टर कंप्लीट होता है।
मिलेंगे अगले पोस्ट में नए चैप्टर के साथ
धन्यवाद

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